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How to grow hair faster

1.तेजी से बाल कैसे उगायें (How to grow hair faster)

बालों  का असमय सफेद होना और झडना,उड़ने लगना आजकल की एक  विकट और व्यापक समस्या है ।इसे सुलझा लेना आसान काम नहीं है ।इस समस्या की गंभीरता एवं वास्तविकता से पाठक पाठिकाओं को  परिचित कराना जरूरी था इसलिए इतनी भूमिका प्रस्तुत की गई है ताकि इस समस्या को हलके फुलके  रूप में न लेकर  इसकी गंभीरता को ध्यान में रखा जाए और तदनुसार उचित उपाय किए जाएं। हम यहां कुछ गुणकारी उपाय  एंव घरेलू नुस्खे प्रस्तुत कर रहे हैं । 

How to grow hair faster

            How to grow hair faster

आजकल आहार-विहार और आचार -विचार के प्रभाव से सिर के बाल समय से पहले पकने और सफेद होने लगे हैं तथा झड़ने भी लगे हैं। नई उम्र के युवक -युवतियां परेशान हैं कि इन केशों  का क्या करें जो वक्त से पहले ही पकने लगे हैं।बालों का सफेद होना सिर्फ आजकल ही परेशानी का कारण नहीं बना हुआ है, हमेशा से  रहा है ।आजकल तो कम उम्र में ही बाल सफेद होने लगते हैं तो परेशानी की बात होनी  ही है लेकिन बालों का सफेद होना तो बढ़ती हुई उम्र में भी पसंद नहीं किया जाता इसलिए तो ऐसे स्त्री पुरुष खिजाब लगाते हैं जो बालों का सफेद होना पसंद नहीं करते ।महाकवि केशव के जमाने में खिजाब होगा‌ नहींं इसलिए अपने बाल  सफेद होने से रोकने का कोई उपाय न कर पाने पर उन्होंने अपनी व्यथा प्रकट करने के लिए यह दोहा कहा था - 

केशव केशव अस करी ,अस अरिहू न कराय ।

चंद्रवदन मृग लोचनी, बाबा कहि कहि जाय ।।

 
गत 35 वर्षो में, औषधि निर्माण कार्य एवं चिकित्सा सेवा  करते हुए हमने बहुत कोशिश की कि असमय में बालों को सफेद होने से रोकने का कोई स्वाभाविक श्रेष्ठ उपाय खोज सकें जिससे असमय  ही बाल सफेद होना बंद किया जा सके, पर सफल नहीं हो सके।
आयुर्वेद का निष्कर्ष यह है कि उचित आहार-विहार और आचार- विचार   का  विधिवत् पालन न करने से शरीर विकारोग्रस्त हो जाता है और अपनी संभावित अवस्था में नहीं रह पाता इसलिए शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति कम हो जाती है और वह नाना प्रकार के रोगों के जाल में फंस जाता है बाल पकना और सफेद होना 'पलित रोग' है और सिर के बाल कम होना (गंजापन) 'खलित रोग' है ।

केशों की रक्षा के लिए उपाय आयुर्वेद बताता है वे भी तभी प्रभावशाली है और लाभप्रद सिद्ध हो सकते हैं जब शरीर को स्वस्थ रखने वाले आहार-विहार एवं आचार- विचार का भी पालन किया जाए ।प्रकृति के नियम भंग करने का दंड मनुष्य को भोगना ही पड़ता है ।आयुर्वेद ऐसा ही मार्गदर्शन देता है जो प्रकृति के नियमों के अनुकूल हो और जो मनुष्य इस मार्गदर्शन के अनुसार  आचरण करता है वह सुखी और स्वस्थ रहता है यदि उचित आचरण करते हुए भी कोई व्यक्ति रोग से ग्रस्त हो जाए तो यह उसके वर्तमान आचरण का ही परिणाम नहीं अपितु  पूर्वकाल में (पूर्वजन्मों में भी) किए हुए कर्मों का परिणाम भी होता है यह रहस्य ध्यान में रखना चाहिए

यह तथ्य जानने योग्य है कि आयुर्वेद शास्त्र सिर्फ दवा ,इलाज, शरीर और रोग आदि के विषय में ही नहीं बल्कि आत्मा, जन्म, पुनर्जन्म, कर्म फल, पाप पुण्य, भाग्य और पुरुषार्थ जैसे अनेक दार्शनिक एवं गुढ़मुद्दों पर भी प्रमाणित एवं युक्तियुक्त चर्चा करता है।
जब बाल सफेद होने लगते होने लगते हैं तो वह उन्हें  काले करने की कोशिश करता है ।यदि वह इस प्रयास में सफल नहीं हो पाता कि बाल जड़ से काले पैदा होने लगे तो वह ऊपर से खिजाब (Hair Dye) लगाने लगता है ।स्त्री-पुरुषों की इस लालसा का शोषण कर लाभ उठाने के लिए कई निर्माता और व्यापारी सफेद बाल काला करने वाले तेल ,शैंपू आदि का खूब आकर्षक ढंग से विज्ञापन और प्रचार करते हैं और ग्राहक को लाभ हो या ना हो पर वे खूब लाभ कमाते हैं हमारे अनुभव में आज तक ऐसा कोई भी तेल ,शैंपू या नुस्खा नहीं आया है जिसे प्रयोग करने पर सफेद हो चुके बाल ,जड़ से काले पैदा होने लगे ।यह हो सकता है और अधिकांश मामलों में हुआ भी है कि किसी नुस्खे या उपाय से बालों का कम झड़ना बंद हो गया ,बाल घने और लंबे हो हो गये, लेकिन साथ ही साथ यह भी हुआ है कि अच्छा सफल सिद्ध नुस्खा भी किसी किसी को कोई लाभ न दे सका।हर व्यक्ति की अपनी स्थिति होती है इसलिए अलग अलग व्यक्ति की स्थिति भी अलग अलग ही होती है। जो नुस्खा  एक व्यक्ति को लाभ कर देता है वही नुस्खा उसी  रोग के दूसरे रोगी को भी लाभ कर ही देगा ऐसा जरूरी नहीं ।ऐसा कई बार होता भी  नहीं। यही  बालों के मामले में भी  चरितार्थ होती है ।

2.Hair structure(बालों की संरचना)

Hair structure

                       Hair structure

काले ,घने ,लंबे ,चमकते और लहराते बाल कैसे अच्छे नहीं लगते किंतु जिस तरह शरीर के स्वास्थ्य के लिए प्रोटीन्स, विटामिन्स, मिनरल्स व अन्य पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है वैसे ही इनकी आवश्यकता बालों के स्वास्थ्य के लिए भी होती है लेकिन साथ ही कुछ और बातों का भी ख्याल रखना जरूरी होता है वरना बाल उड़ना ,झडना ,सफेद होना, दो मुंहे होना तथा सिर में रूसी होने जैसी समस्याओं की उत्पत्ति होती है ।बालों की समस्याओं पर चर्चा करने से पहले बालों के विषय में सामान्य जानकारी प्राप्त कर लेना ठीक रहेगा।हमारे सिर की त्वचा में उपत्वचा (Epidermis) होती है जिसमें असंख्य केश गर्भ(Follicle)होते हैं इन के शगर्भों में रोमिका (papilla)नामक अंकुर पैदा होते हैं जिन्हें रक्त कोशिकाओं(Capillaries)से पोषण मिलता रहता है और बाल उत्पन्न होते हैं बालों की जड़ों में वसा स्रावी मेदमय ग्रंथियां (Sebaceousglands)होती है जिनसे एक प्रकार का त्वक स्नेह(Sebum)निकलता रहता है यह बालों को स्वस्थ ,चिकना ,चमकदार और मजबूत बनाए रखता है। बालों की रचना मृत कोशिकाओं(Dead cells)  से होती है तथा केराटिन(Keratin) नामक प्रोटीन बालों की संरचना करता है। बालों की जड़ में पाई जाने वाली कोशिकाएं मेलेनोसाइट्स(Melanocytes) मेलेनिन (Melanin)नामक पिगमेंटन्स बनाती हैं जिससे बालों का रंग निर्धारित होता है

 हमारे सिर के बाल अलग-अलग अवस्थाओं में रहते हैं ।प्रत्येक बाल2-6 वर्ष तक विकास की अवस्था में रहता है एक समय पर सिर के लगभग 90% बाल इस अवस्था में होते हैं 10% बाल इस अवस्था से गुजरकर विश्राम की अवस्था में रहते हैं जो 2-4 माह की होती है ‌।इसके बाद विश्राम अवस्था  गुजर जाने पर यह बाल झड़ जाते हैं और इनके केशगर्भों से नए बाल निकल आते हैं जो 2-6 वर्ष की विकास की अवस्था में प्रवेश करते हैं सामान्य 50 से 150 बार प्रतिदिन हमारे सिर से झड़ते हैं ।बालों से संबंधित इस संक्षिप्त चर्चा के बाद आइए अब इनसे जुड़ी समस्याओं की बात करते हैं

 यदि कोई स्थानिक रोग या  वंशानुगत कारण न हो और शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्तर पर स्वास्थ्य अच्छा हो तो कोई कारण नहीं है कि समय से पहले सिर के बाल झड़ने लगे एक आयु के बाद 45- 50 वर्ष बालों का झड़ना सामान्य बात है जो पुरुषों में आगे पीछे की तरफ गंजापन लाता है और स्त्रियों में पूरे सिर में घनापन कम करता है)

बालों को प्रतिदिन स्नेह (चिकनाई) मिलना जरूरी होता है ताकि बालों की जड़ों में खुश्की पैदा ना हो सके। खुश्की पैदा होने पर सिर में रूसी (Dandruff)डैंड्रफ होना ,बाल झड़ना ,सिर में खुजली चलना ,बाल लंबे और घने न रहना आदि व्याधियां उत्पन्न होती है ।  खुश्की के साथ ही यदि पित्त प्रकोप  के कारण बढ़ी हुई उष्णता का प्रभाव सिर तक पहुंच जाए तो बाल पकने लगते हैं और सफेद होने होने लगते हैं। इन स्थितियों से बचने के लिए घरेलू उपाय करने चाहिए
अर्थात  प्रतिदिन सिर के बालों में तेल लगाकर उन्हें रित्रगध रखने से सिर दर्द नहीं होता, खालित्य (Baldness)यानी गंजापन नहीं होता ,पालितय (असमय बाल सफेद होना) नहीं होता और न बाल झड़ते हैं। सिर एवं कपाल में शक्ति बढ़ने से बालों की जड़ें मजबूत होती है, बाल ख़ूब घने ,लंबे और काले बने रहते हैं।

 3.लम्बे बाल(Long hair)

बालों को काला बनाये रखने का एक नुसखा है आयुर्वेदिक इस प्रकार दिया गया है -

 गोखरू ,आंवला और गिलोय -के चूर्ण को मिलाकर घी और शहद के साथ चाटने से बलवीर्य, स्थिरता ,शांति की प्राप्ति होती है,विकार एवं दुख से रहित और लम्बे कालों बालों वाला रह कर (इस योग को सेवन करने वाला वाला)100वर्ष तक जीता है।

गोखरू, आंवला और गिलोय को अलग-अलग कूट पीस छानकर महीन चूर्ण कर लें ।तीनों चूर्णो को समान वजन में लेकर मिला लें और तीन बार छानकर शीशी में भर लें ।एक खुराक में इसे एक या दो चम्मच(5-10 ग्राम )मात्रा में घी और शहद के साथ मिलाकर चाट लेना चाहिए घी और शहद समान मात्रा में नहीं मिलाते हैं घी 1भाग और शहद 3 भाग लेकर मिला लें। घी पिघला  हुआ ले पर गर्म न लें ।इसे चाट कर ,चाहे तो मिश्री मिला हुआ और बिल्कुल ठंडा किया हुआ दूध भी पी सकते हैं।  इसे सुबह खाली पेट और रात के भोजन के 2 घंटे बाद ,सोने से पहले ,सेवन करें। इस नुस्खे को कम से कम 3 माह तक तो सेवन करना ही चाहिए। यदि पूरे वर्ष भर ही सेवन करते रहे तो क्या कहने।  स्त्री पुरुषों के लिए यह बहुत पौष्टिक और शक्तिवर्धक योग है ।

Long hair

                           Long hair

'दारूणक'  नामक वयाधि  हो जाने से सिर में छोटी-छोटी फुंसियां होती रहती है ,खुजली चलती रहती है जिससे व्यक्ति का एक हाथ सिर में बना रहता है यानी वह सिर खुजाता रहता है। उसके लिए एक सरल इलाज है

आम की गुठली की गिरी (अंदर का गूदा) और छोटी हरड़ को बराबर -बराबर बार पत्थर पर दूध के साथ घिसकर लेप कटोरी में उतार लें।इस लेप को फुंसियों पर दिन में 2-3  बार पतला पतला लगाने से दारूणक   रोग दूर हो जाता है ।फुंसियां निकलना और खुजली चलना बंद हो जाता है। इस व्याधि के कारण झड़ने वाले व कमजोर बाल मजबूत और घने होने लगते हैं ।इस लेप को लगाने और नीम की पत्तियां पानी में डालकर उबालने के बाद इस पानी से सिर धोने से कुछ दिनों में इस रोग से पिंड छूट जाता है।

4. केश हितकारी नियम एवं उपाय(Hair Remedy Rules and Measures)

Hair Remedy Rules and Measures

Hair Remedy Rules and Measures

(1).अत्यंत शोक, घोर चिंता, क्रोध और अति श्रम के कारण शरीर की उष्णता सिर पर चढ़कर बालों को पकाने लगती है क्योंकि अधिक क्रोध से पित्त तथा अधिक शोक,श्रम और चिंता से वात कुपित होता है ।कुपित वायु शरीर की गर्मी सिर में ले जाकर भ्राजक पित्त कुपित करती है,देर तक जागने और सुबह देर तक सोने से ,दोनों वक्त शौच न जाने से और कब्ज रहने से भी गर्मी सिर तक पहुंचती है जिससे बाल सफेद होते हैं।
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(2). तेल मिर्च मसालेदार, तले हुए ,खट्टे चटपटे और नमकीन पदार्थों का अति सेवन ,तंबाकू खाना या पीना ,मदिरा पान और  मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से अम्लता बढ़ती है जिससे पित्त कुपित होता है, त्वचा  और केशों में खुश्की पैदा होती है।गलत आहार -विहार वात कुपित (गैस की व्याधि ) करता है। कुपित्त वात पित्त से उत्पन्न रूक्षता (खुश था उसकी सिर में प्रक्रिया शुरू से पैदा करती है जो बालों को हानि पहुंचाती है ।

(3). नाना प्रकार के सुगंधित तेल लगाने ,बार-बार तेैल बदल बदल कर लगाने और साबुन से सिर धोने से बालों को नुकसान पहुंचता है। आजकल की फैशन के अनुसार बालों को रुखा सुखा रखना अच्छा माना जाता है इसलिए प्रायः युवक -युवतियां सिर के बालों में तेल नहीं लगाते और नाना प्रकार की खुशबूदार शैंपू बाल धोने के लिए प्रयोग करते हैं जो बालों को रुखा सुखा रखते हैं ,इससे भी वालों को उचित पोषण नहीं मिलता और बाल जल्दी सफेद होने लगते हैं लंबे समय तक नजला -जुखाम बने रहने से बाल बढ़ते नहीं ,पकने लगते हैं और सफेद हो जाते हैं।

(4). पर्याप्त पोषक तत्वों से युक्त आहार न मिलने, शरीर के स्वस्थ और पुष्ट न  उस होने ,रोग ग्रस्त बने रहने और वंशानुगत प्रभाव के कारण बाल जल्दी सफेद होने लगते हैं ।अधिक भोग विलास करने ,अधिक दिमागी काम करने और अधिक चिंता व तनाव ग्रस्त रहने से बाल जल्दी सफेद होते हैं बाल गीले रखने, ठीक से न सुखाने और जड़ों की मालिश न करने से बाल कमजोर होकर टूटने  व लगते हैं ।आहार में मधुर ,रित्रग्ध और पोषक पदार्थ पर्याप्त मात्रा में सेवन न करने पर भी यही परिणाम होता है स्त्रियों को श्रेत प्रदर और अनियमित या कष्ट से ऋतु स्राव  होना और पुरूषौ को किसी भी प्रकार का प्रमेय रोग होना बालों को असमय सफेद कर देता है ।इतने सारे कारणों में सें कोई एक भी कारण बलवान होकर बाल सफेद करने लगता है।

(5). उपयुक्त कारणों से अपने बालों की रक्षा करते हुए निम्नलिखित उपाय करने से समय से पहले बालों का झड़ना, बाल रुकना और सफेद होना बंद होता है लेकिन एक बात थी से खयाल में ले ले कि यह उपाय थोड़े दिन करके छोड़ देने से कोई लाभ ना होगा जैसे शरीर को स्वस्थ और बलवान रखने के लिए प्रतिदिन उचित और आवश्यक आहार मिलना जरूरी है वैसे ही वालों को भी पोषक आहार नियमित रूप से मिलना जरूरी है ताकि वे स्वस्थ, घने और सुंदर बने रहे सके। 

इसके लिए निम्नलिखित उपाय फौरन शुरू कर दिए जाने चाहिए इनका प्रभाव और परिणाम चार से छह माह के बीच उपलब्ध होने लगेगा जिनकी  आयु अभी बाल पकने और सफेद होने की नहीं है उनके बाल जड़ से काले ही पैदा होने लगेंगे मजबूत घने और लंबे हो जायेंगे ।

(6). शीतकाल में जब ताजे आंवले उपलब्ध रहते हैं तब रोज एक आंवला एक व्यक्ति को किसी भी ढंग से खाना चाहिए एक सरल उपाय यह है कि एक साबुत आंवला दाल या सब्जी बनते समय ही डाल कर पका लिया जाए। पक जाने पर आंवला निकालकर थाली में रख ले ।जरा ठंडा होने पर इसे दबाकर गुठली निकाल दें और कलियों में रूचि के अनुसार पीसी शकर या जीरा, काली मिर्च सेंधा नमक मिलाकर भोजन के साथ खाएं।भोजन के साथ आंवले का अचार10-12कली प्रतिदिन खाए ।जब हरा ताजा आंवला मिलना बंद हो जाए तब बाजार से सूखा आंवला खरीद लाएं। दाल शाक में अमचूर की जगह आंवले की कलियां डालकर खाएं ।ये  सुखी कलियां पानी में गला कर नरम की जा सकती हैं और इनकी चटनी बनाकर भोजन के साथ खाई जा सकती है।

(7). आयुर्वेदिक औषधि निर्माताओं द्वारा निर्मित 'आमलकी रसायन' बाजार में मिलती है। इसे एक 1-2 ग्राम मात्रा में रोज सुबह घी या दूध या शहद के साथ चाट लेना चाहिए। श्रद्धा पूर्वक इसका नियमित सेवन करें और परिणाम देख ले ।
(8).सुबह सूखा आंवला थोड़ी मात्रा में पानी में गला दे।रात को सोने से एक 1 घंटे पूर्व इसे खूब बारीक पीसकर लुगदी बनाकर बालों में अच्छी तरह लेप करके किसी काम में या पढ़ने में व्यस्त रहें 1 घंटे बाद ठंडे या गुनगुने पानी से बालों को धो लें या चाहें। तो वैसे कपड़े से रगड़  कर बाल साफ कर लें और सुबह स्नान करते समय धो लें। यह ब्रह्मा उपचारों में अच्छा उपाय है।

(9).बालों को धोने के लिए किसी साबुन‌ या शैंपू का प्रयोग न करके खेत की साफ मिट्टी का प्रयोग करें। यह मिट्टी बाग बगीचे या  जंगल की भी हो तो हर्ज नहीं सिर्फ साफ जगह की और ऊपर की थोड़ी मिट्टी हटाकर अंदर से खोदी  हुई होनी चाहिए ।इस मिट्टी को किसी डिब्बे में भर कर रख लें। स्नान से 25- 20 मिनट पूर्व इसे पानी में दिला दें ।जब गल जाए तो इसे पानी में मसल कर घोल लें और कपड़े से छानकर इसके पानी से बालों को खूब अच्छी तरह गीले करके मसले और साफ पानी से धो डालें। इससे बाल चिकने, मुलायम, हलके,साफ और चमकीले रहेंगे । इसे और  गुणकारी बनाना चाहें तो रात को पिसा हुआ आंवला, शिकाकाई, अरीठा और भृंगराज की पत्तियां थोड़ी मात्रा में, पानी में गिला दें। सुबह इसी में थोड़ी सी मिट्टी डालकर गला दें।25-20 मिनट बाद सबको खूब मसल घोलकर कपड़े से निचोड़  कर छान लें। इसमें 5-10 बूंद जैतून का तेल टपका दें और सिर के बालों को इस घोल से खूब गिला कर मसल कर धो डालें। बाल ऐसे खिल उठेंगे जैसे बढ़िया शैंपू से धोने पर एक- एक बाल अलग-अलग खिल जाता है ।

(10).अपने आहार में हरी शाक सब्जी, केला ,संतरा विटामिन सी व कैल्शियम युक्त आहार अवश्य लेते रहें। भोजन के बाद एक बार हरड़ के टुकड़े एक घंटे  चूसने के बाद खा जाएं और रात को सोते समय दूध के साथ एक -दो चम्मच शुद्ध घी अवश्य पिएं। सोते समय पैर के तलुओं में शुद्ध घी लगाकर मसलें।

(11).सूर्योदय से पूर्व खाली पेट, एक चम्मच साबुत काले तिल और एक चम्मच भृंगराज का पंचांग, ख़ूब बारीक पिसा हुआ फांक कर, ऊपर से ठंडा पानी पी लें ।यह प्रयोग 6 माह तक करें

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ऊपर बताए गए त्यागने योग्य हानिकारक कारणों एवं अपथ्य आहार-विहार को त्यागकर सेवन योग्य आहार-विहार और उपायों को करने पर निश्चित ही बालों का समय से पहले पकाना, सफेद होना ,झड़ना और घने व लंबे ना होना आदि शिकायतें दूर हो जाएंगी इन नियमों एवं उपायों पर अमल करते हुए किसी को भी बालों के विषय में बेवक्त शिकायत नहीं हो सकती ।दरअसल कोई भी केश तेल या केश हितकारी नुस्खे का प्रयोग करने मात्र से तब तक लाभ नहीं हो सकेगा जब तक वालों को पर्याप्त रूप से पोषण ना मिले।

5.How to grow hair faster naturally(प्राकृतिक रूप से तेजी से बाल कैसे बढ़ाएं)

बाल स्वस्थ ,घने और लंबे बने रहें इसके लिए बालों को चिकनाई प्राप्त होती है रहे यह बहुत जरूरी होता है ।चिकनाई प्रदान करने वाले एक अनुभूत श्रेष्ठ योग प्रस्तुत  है ।

(1).नारियल , जैतून, बादाम, आंवला और अरंडी -इन पांचों का तेल100-100ग्राम लेकर मिला लें ।अरंडी का तेैल ( कैस्टर ऑइल)और आंवले का तेैल खुशबू वाला न लें। एक भगौनी में एक गिलास पानी गर्म करें और एक कटोरी में थोड़ा तेल डालकर कटोरी भगौनी में रख दें ताकि भाप से तेल गर्म हो सके ।इस  तेल को सहता सहता कुनकुना गरम ,अंगुलियों से बालों की जड़ों में रात को सोते समय लगाया करें। रोज न  सही तो सप्ताह में एक या दो बार ही लगाएं यह बहुत ही गुणकारी प्रयोग है जो बालों की सभी समस्याओं को समाप्त कर देता है लेकिन इसे नियमित रूप से 5-6 माह लगातार प्रयोग करना होगा ।

(2).नीम का शुद्ध तेल बालों की जड़ों में अंगुलियों से लगाकर हल्के हल्के मालिश करें और नीम के तेल की ही 2-2 बूंद नाक में दोनों तरफ टपका कर जोर से सांस खीचें।इस उपाय से बालों का पकना और झड़ना बंद होने लगता है ।भोजन में सिर्फ दूध चावल का ही प्रयोग करते हुए यह उपाय करें।

(3).परवल के पत्तों का रस निकाल कर बालों की जड़ों में लगाने से बालों का झड़ना बंद होता है जिससे बाल घने होने लगते हैं ।इस प्रयोग से बालों की लंबाई भी बढ़ती है।

(4).सूखे आंवलो का चूर्ण 200 ग्राम ,शिकाकाई 150 ग्राम और रीठे का छिलका ,नागरमोथा ,कपूर कचरी और भृंगराज (भांगरा)- यह चारों 50-50ग्राम तथा कपूर 10 ग्राम।सबको खूब कूट पीस कर बारीक चूर्ण कर लें और मैदा छानने की छलनी से तीन बार छान लें। जो मोटा अंश बचे उसे फिर से कूट पीस छानकर मिला ले एक गिलास पानी में दो चम्मच चूर्ण घोलकर शाम को रखकर ढक दें सुबह इस पानी को मसलकर कपड़े से छान लें इस पानी से बालों की जड़ों को मसल मसल कर,स्नान से इस पहले धोएं फिर साफ पानी से बालों को धो डालें ।इस प्रयोग से बाल घने,लंबे काले बने रहते हैं।

(5). अगर आप घर पर तेल ना बना सके तो शुद्ध नारियल तेल ही बालों में लगाया करें ।शीतकाल में सरसों का तेल लगा सके तो लगाया करें अन्यथा नारियल का ही तेल लगाते रहें। नारियल का तेल एक तो प्राकृतिक होता है, दूसरे बालों के लिए गुणकारी भी होता है

उपयोगी नियम(Useful rules)

स्नान के बाद बालों को अच्छी तरह पोंछ कर ठीक से सुखाने के बाद ही तेल लगाना चाहिए। गीले बालों में तेल नहीं लगाना चाहिए ।बालों को गिला नहीं रखना चाहिए बदल-बदल कर तेल लगाना ,बाजारू खुशबूदार (सेंण्टेड) तेल लगाना ,तेल न लगा कर बालों को सूखा रूखा  रखना,वात एवं पित्त को कुपित करने वाले आहार-विहार करने में अति करना, शोक, चिंता,क्रोध व ईर्ष्या करते रहना ,अधिक जागरण करना और संभोग में अति करना- ये सभी काम बालों को हानि पहुंचाने और उन्हें  असमय ही सफेद करने वाले हैं। लंबे समय तक सर्दी जुकाम और नजला बने रहने से भी बाल कम होते हैं और सफेद होने लगते हैं इन सभी बातों को ध्यान में रखकर के केशरक्षक आहार-विहार करना चाहिए ।बालों को काला करने के लिए किसी भी प्रकार का खिजाब नहीं लगाना चाहिए क्योंकि त्वचा और बालों पर खिजाब का प्रभाव कालांतर में बुरा ही पड़ता है। गर्मी के दिनों में ,सोने से पहले, मेहंदी गलाकर सिर के बालों और पैरों के तलुओं  में लगाना चाहिए।

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6.बालों की देखभाल(Hair care)
बालों का पोषण कैसे करें(How to nourish hair)

बालों का पालन पोषण और रख रखाव उचित ढंग से किया जाए तो बेवक्त कम उम्र में बाल सफेद होना, उड़ना, झड़ना, लंबे और घने न होना आदि उपद्रव पैदा नहीं होते । बालों का पोषण और रक्षण  करने वाला एक बहुत ही गुणकारी तथा कई व्यक्तियों द्वारा प्रयोग किया जा रहा एक नुक्सा प्रस्तुत है

(1).सुखी और पिसी हुई मेहंदी 1 कप ,कॉफी(coffee) पाउडर, दही, नींबू का रस,पिसा कत्था, ब्राह्मी बूटी का पाउडर ,सूखे आंवले का चूर्ण और सूखे पोदीने  का चूर्ण सब एक-एक चम्मच

निर्माण एवं प्रयोग विधि(Construction and use method)

सब द्रव्यों का बारीक पिसा  छना चूर्ण तथा दही नींबू का रस पर्याप्त पानी में डालकर गाढा़ लेप बना लें।स्नान से  2 घंटे पहले इस लेप को पहले बालों की जड़ों में और फिर पूरे बालों में अच्छी तरह लगाकर सूखने दें। जब बिल्कुल सूख जाए तब स्नान  करते हुए बालों को मसल कर धो डालें। बालों को धोने के लिए किसी भी प्रकार का साबुन प्रयोग न करें। खेत की साफ मिट्टी को पानी में थोड़ी देर गला कर मसल लें और कपड़े से छान लें ।इस पानी से पहले बाल गीले कर खूब मसलें फिर साफ पानी से धो डालें ।

लाभ(Benefit)

इस प्रयोग से बाल को मुलायम ,चिकने ,घने और लंबे बने रहते हैं। पके हुए सफेद बालों पर रंग चढ जाता है ।जो बाल रंगना ना चाहे वे काफी पाउडर और कथा प्रयोग से हटा दें ।इस प्रयोग से सिर की फ्यास,बाल पकना और झड़ना आदि व्याधियां दूर हो जाती हैं। यह नुस्खा किसी भी ऋतु में, किसी भी आयु वाला प्रयोग कर सकता है ।यह नुस्खा सरल और सस्ता होतें हुए भी बहुत गुणकारी है।

असमय बाल पकना(Untimely ripening)

केशों की रक्षा, देखभाल और उनका उचित पालन पोषण करने के लिए हम जो कुछ विश्वसनीय ,गुणकारी और लाभकारी विवरण प्रस्तुत कर सकते थे वह हमने इन थोड़े से पृष्ठों में कर दिया है हमारी नीति यह  रही है कि हम केवल विश्वासनीय, उपयोगी, गुणकारी तथा  प्रमाणित विवरण प्रस्तुत करें।इस नीति के अनुसार हमने जो कुछ भी विवरण प्रस्तुत किया है वह गुणकारी सिद्ध होगा बशर्ते किसी भी उपाय और योग का सेवन पूरी निष्ठा और लगन के साथ लाभ न होने तक किया जाए और आहार-विहार ठीक रखा जाए।

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