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Government opened a lot of opportunities to give employment to workers

Government opened a lot of opportunities to give employment to workers



(1).कामगारों को रोजगार देने के लिए सरकार ने खोले ढेरों अवसर

Government opened a lot of opportunities to give employment to workers


जिले में 15114 प्रवासी कामगार होंगे लाभान्वित - 1855 कामगारों को रोजगार के लिए मिलेगा ऋण...

बस्ती: बाहर से आए प्रवासी कामगारों को विभिन्न विभागों की ओर से रोजगारपरक कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं कई विभागों की ओर से स्वरोजगार के लिए कामगारों को ऋण वितरित करने के लिए भी चुना गया है।

कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए बाहर से आए कामगारों के रोजगार सृजन के लिए विभिन्न विभागों की ओर से प्रशिक्षण के साथ ही स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने की पहल की गई है। जिले में कुल 15114 कामगारों को रोजगार प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। इनमें से कुछ विभागों की ओर से रोजगार प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। उद्यान विभाग की ओर से 500 लोगों को मशरूम उत्पादन का, 475 को मौन पालन, 250 को माली का और 600 को औद्यानिक प्रशिक्षण दिया गया है। प्रधानमंत्री कौशल केंद्र की ओर से 120 को सिलाई, सोलर इन्सटालर प्रशिक्षण, 128 को फिटर फैब्रीकेशन प्रशिक्षण, 50 को कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव प्रशिक्षण, कौशल विकास मिशन की ओर से बैकिग एवं अकाउंटिग, नर्सरी, हैंडीक्राफ्ट, निर्माण, इलेक्ट्रानिक्स वुड पालीसर, हेल्थ केयर व सिलाई प्रशिक्षण के लिए 4690 कामगारों को, कृषि विभाग की ओर से विभिन्न कार्यों के लिए 4046 को, राष्ट्रीय आजीविका मिशन की ओर से माली, अचार, मुरब्बा, सिरका, मसरूम, सिलाई, मौन पालन, फूल की खेती, पोल्ट्री फार्म डेयरी फार्म, मत्स्य पालन, हल्दी की खेती, फर्नीचर का प्रशिक्षण देने के लिए 1160 कामगारों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। इसमें से 60 कामगारों को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी प्रकार अन्य विभागों व संस्थानों की ओर से कामगारों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। वहीं उद्योग, पशुपालन, ग्रामोद्योग और समाज कल्याण विभाग की ओर से 1855 प्रवासी कामगारों को ऋण के लिए चुना गया है।

Government opened a lot of opportunities to give employment to workers
Government opened a lot of opportunities to give employment to workers

प्रवासी कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों की ओर से प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। उद्यान, उद्योग विभाग, राष्ट्रीय आजीविका मिशन आदि विभागों की ओर से कुछ ट्रेड में प्रशिक्षण दिया भी जा चुका है। कामगारों को प्रशिक्षण के बाद जनपद में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

सरनीत कौर ब्रोका, सीडीओ बस्ती।

(2).कोरोना में उलझा सेहत विभाग, सैंपलिंग न होने के कारण फिर से बढऩे लगी मिलावटखोरीComplicated health department in Corona, adulteration started increasing again due to no sampling

पिछले छह माह में 171 प्रकार के खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे और इनमें से 11 फेल पाए गए। मार्च में कफ्र्यू लगने के बाद जून के अंत तक केवल दो सैंपल ही भरे गए। ...


जालंधर, जेएनएन।  सेहत विभाग के कर्मचारी इन दिनों कोरोना वायरस में उलझे हुए हैं। ऐसे में सैंपलिंग न हो पाने के कारण मिलावटखोर फिर से सक्रिय हो गए हैं। कोरोना संकट से जूझ रहे अधिकारी लोगों के सैंपल भरने व उन्हें लैब में पहुंचाने के लिए व्यवस्था न होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।

सेहत विभाग ने जिले में पिछले छह माह में 171 प्रकार के खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे और इनमें से 11 फेल पाए गए। मार्च में कफ्र्यू लगने के बाद जून के अंत तक केवल दो सैंपल ही भरे गए। यह सैंपल भी शिकायत के आधार पर भरे गए। लॉकडाउन के दौरान दुकानें व सरकारी संस्थान बंद होने से उनके खिलाफ कार्रवाई ठंडे बस्ते में पड़ गई। नतीजतन किसी के भी खिलाफ अदालत में केस दर्ज नहीं हो सका।

विभाग की ढुलमुल कार्यप्रणाली के चलते मिलावटी मसाले, देसी घी, सरसों का तेल, मिठाइयां, नमकीन आदि का कारोबार का ग्राफ बढऩे लगा। जिला सेहत अधिकारी डॉ. एसएस नांगल का कहना है कि कोरोना काल में ज्यादातर समय बाजार बंद रहे। विभाग के स्टाफ की कोविड ड्यूटियां लगी हुई हैं। वहीं सैंपल खरड़ स्थित लैब में भेजने की व्यवस्था नहीं बन रही है। सरकारी बसें चली परंतु खरड़ सवारी नही उतारी और न वहां से चढ़ाते हैं। सभी सरकारी गाडिय़ां कोरोना में लगाई गई है। विभाग की टीमें दौरा कर दुकानदारों को जागरूक कर रही है और उन्हें ट्रेनिंग भी दे रही है।

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