Neha Health

6/recent/ticker-posts

Vrksh Ashan(Tree Posture)

1.वृक्षासन(Vrksh Assan):-

चटाई, कम्बल आदि पर उकड़ू बैठकर हथेलियों को भूमि पर दृढ़तापूर्वक रखकर हाथों के सहारे शरीर को उल्टे और दण्ड के समान सन्तुलित करके रखें. दो तीन मिनट के पश्चात पूर्व स्थिति में आ जाये.

2.लाभ (profit) :-

Vrksh Ashan
Vrksh Ashan
सिर, गर्दन, वक्षस्थल, ह्रदय, नेत्र के लिए लाभदायक है. मस्तक की ओर रक्त संचार होने के कारण इन अंगों को पुष्टि मिलती है. बालों को सफेद होने से रोकता है. मन्दाग्नि को दूर करता है. ब्रह्मचर्य पालन में सहायक है.

Post a Comment

0 Comments